साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को लगेगा। ये ग्रहण भारत में दिख रहा है इस कारण से इसका सूतक काल भी मान्य होगा।ज्योतिषी डॉ नेहा शिवगोत्रा जी ने बताया कि चंद्रग्रहण का स्पर्श रात्रि 9:57 बजे, मध्य 11:41 बजे और मोक्ष रात्रि 1:27 बजे होगा। चंद्र ग्रहण से नौ घंटे पूर्व सूतक काल आरंभ हो जाता है। इस प्रकार सूतक 7 सितंबर को दिन में 12:57 बजे शुरू होकर रात्रि 1:27 बजे तक रहेगा।हिंदू मान्यता के अनुसार ग्रहण की अवधि में पूजा, भोजन, खाने-पीने, धार्लीय उपकरण (जैसे चाकू, कैंची), मूर्तियों का स्पर्श आदि वर्जित होते हैं.खाने-पीने की सभी वस्तुओं में सूतक काल के दौरान तुलसी के पत्ते डालने चाहिए, क्योंकि इससे उस भोजन में पवित्रता बनी रहती है। गर्भवती महिलाओं, बुज़ुर्गों, बच्चों को विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता रहती है. ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने और धारदार औजारों का प्रयोग करने से बचना चाहिए.
ज्योतिषी और अंकशास्त्री
डॉ. नेहा शिवगोत्रा।













